विस्तृत उत्तर
दीपक जलाने का महत्व ऋग्वेद, स्कंद पुराण और अग्नि पुराण में वर्णित है:
1ज्ञान का प्रतीक
दीपक अज्ञान के अंधकार को दूर करने वाले ज्ञान का प्रतीक है। अग्नि पुराण: 'दीपो ज्ञानस्वरूपः' — दीपक ज्ञान का स्वरूप है।
2देवता का साक्षात् आह्वान
स्कंद पुराण में कहा गया है — दीपक की लौ में देवता की उपस्थिति होती है। जहाँ दीप जलता है, वहाँ देवता वास करते हैं।
3पाँच तत्वों का प्रतीक
- ▸दीया (मिट्टी) = पृथ्वी
- ▸तेल/घी = जल
- ▸बाती = आकाश
- ▸लौ = अग्नि
- ▸धुआँ = वायु
4वातावरण शुद्धि
घी का दीपक जलाने से वातावरण में ऑक्सीजन बढ़ती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
5मंगलकारी
दीपक मंगल का प्रतीक है। 'शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम् धनसम्पदाम्। शत्रुबुद्धि विनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते।'
6देवी लक्ष्मी का प्रवेश
घर में दीपक जलाने से लक्ष्मी का प्रवेश होता है। इसीलिए प्रतिदिन संध्या समय दीप जलाने की परंपरा है।





