ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
पूजा रहस्य📜 ऋग्वेद — दीप सूक्त, स्कंद पुराण, अग्नि पुराण — दीप महात्म्य2 मिनट पठन

पूजा में दीपक क्यों जलाते हैं?

संक्षिप्त उत्तर

दीपक जलाना: अज्ञान का अंधकार दूर करने वाले ज्ञान का प्रतीक। 'दीपो ज्ञानस्वरूपः' (अग्नि पुराण)। पाँच तत्वों का प्रतीक — मिट्टी, घी, बाती, लौ, धुआँ। देवता की उपस्थिति, लक्ष्मी का आगमन और वातावरण शुद्धि। 'शुभं करोति कल्याणम्...' — मंगलकारी।

📖

विस्तृत उत्तर

दीपक जलाने का महत्व ऋग्वेद, स्कंद पुराण और अग्नि पुराण में वर्णित है:

1ज्ञान का प्रतीक

दीपक अज्ञान के अंधकार को दूर करने वाले ज्ञान का प्रतीक है। अग्नि पुराण: 'दीपो ज्ञानस्वरूपः' — दीपक ज्ञान का स्वरूप है।

2देवता का साक्षात् आह्वान

स्कंद पुराण में कहा गया है — दीपक की लौ में देवता की उपस्थिति होती है। जहाँ दीप जलता है, वहाँ देवता वास करते हैं।

3पाँच तत्वों का प्रतीक

  • दीया (मिट्टी) = पृथ्वी
  • तेल/घी = जल
  • बाती = आकाश
  • लौ = अग्नि
  • धुआँ = वायु

4वातावरण शुद्धि

घी का दीपक जलाने से वातावरण में ऑक्सीजन बढ़ती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

5मंगलकारी

दीपक मंगल का प्रतीक है। 'शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम् धनसम्पदाम्। शत्रुबुद्धि विनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते।'

6देवी लक्ष्मी का प्रवेश

घर में दीपक जलाने से लक्ष्मी का प्रवेश होता है। इसीलिए प्रतिदिन संध्या समय दीप जलाने की परंपरा है।

📜
शास्त्रीय स्रोत
ऋग्वेद — दीप सूक्त, स्कंद पुराण, अग्नि पुराण — दीप महात्म्य
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

दीपकज्योतिप्रकाशकारण

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

पूजा में दीपक क्यों जलाते हैं — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको पूजा रहस्य से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर ऋग्वेद — दीप सूक्त, स्कंद पुराण, अग्नि पुराण — दीप महात्म्य पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।