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पूजा रहस्य📜 पद्म पुराण — तुलसी महात्म्य, स्कंद पुराण, भागवत पुराण2 मिनट पठन

पूजा में तुलसी क्यों चढ़ाई जाती है?

संक्षिप्त उत्तर

तुलसी क्यों: 'तुलसी विष्णुप्रिया' — विष्णु की सर्वप्रिय। बिना तुलसी विष्णु पूजा अधूरी। स्कंद पुराण: 'तुलसी के एक पत्ते का पुण्य अतुलनीय।' वैज्ञानिक: एंटीबैक्टीरियल गुण। नोट: शिव, दुर्गा, काली पूजा में तुलसी वर्जित — केवल विष्णु पूजा में।

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विस्तृत उत्तर

तुलसी का महत्व पद्म पुराण और स्कंद पुराण में विस्तार से वर्णित है:

1विष्णु की प्रिय

पद्म पुराण में कहा गया है — 'तुलसी विष्णुप्रिया' — तुलसी विष्णु को सर्वाधिक प्रिय है। बिना तुलसी के विष्णु पूजा अधूरी मानी जाती है।

2तुलसी = देवी

तुलसी स्वयं देवी हैं — 'वृंदा' — विष्णु की भक्त। पद्म पुराण की कथा के अनुसार तुलसी की उत्पत्ति विष्णु की प्रेममयी भक्ति से हुई।

3वैज्ञानिक महत्व

तुलसी में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल गुण हैं। घर में तुलसी — वातावरण शुद्धि। पूजा में तुलसी का उपयोग — शुद्ध वातावरण में देव उपासना।

4स्कंद पुराण

तुलस्या दलमात्रेण जलस्य कुलशेन वा। विक्रीयते न संसारे पुण्यं यत् तुलसीकृतम्।

— तुलसी के एक पत्ते का पुण्य संसार में अतुलनीय है।

5देह की शुद्धि

तुलसी जल पीना, तुलसी का स्पर्श — शरीर को शुद्ध करता है।

नोट

शिव पूजा में तुलसी नहीं चढ़ाई जाती। काली, दुर्गा पूजा में भी तुलसी वर्जित है — ये विष्णु से संबंधित है।

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शास्त्रीय स्रोत
पद्म पुराण — तुलसी महात्म्य, स्कंद पुराण, भागवत पुराण
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