विस्तृत उत्तर
तुलसी का महत्व पद्म पुराण और स्कंद पुराण में विस्तार से वर्णित है:
1विष्णु की प्रिय
पद्म पुराण में कहा गया है — 'तुलसी विष्णुप्रिया' — तुलसी विष्णु को सर्वाधिक प्रिय है। बिना तुलसी के विष्णु पूजा अधूरी मानी जाती है।
2तुलसी = देवी
तुलसी स्वयं देवी हैं — 'वृंदा' — विष्णु की भक्त। पद्म पुराण की कथा के अनुसार तुलसी की उत्पत्ति विष्णु की प्रेममयी भक्ति से हुई।
3वैज्ञानिक महत्व
तुलसी में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल गुण हैं। घर में तुलसी — वातावरण शुद्धि। पूजा में तुलसी का उपयोग — शुद्ध वातावरण में देव उपासना।
4स्कंद पुराण
तुलस्या दलमात्रेण जलस्य कुलशेन वा। विक्रीयते न संसारे पुण्यं यत् तुलसीकृतम्।
— तुलसी के एक पत्ते का पुण्य संसार में अतुलनीय है।
5देह की शुद्धि
तुलसी जल पीना, तुलसी का स्पर्श — शरीर को शुद्ध करता है।
नोट
शिव पूजा में तुलसी नहीं चढ़ाई जाती। काली, दुर्गा पूजा में भी तुलसी वर्जित है — ये विष्णु से संबंधित है।





