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पूजा रहस्य📜 आगम शास्त्र, स्कंद पुराण — घंटा महात्म्य, विष्णु पुराण2 मिनट पठन

पूजा में घंटी क्यों बजाते हैं?

संक्षिप्त उत्तर

घंटी क्यों: देवताओं को जागृत करना और नकारात्मक शक्तियों को दूर करना (स्कंद पुराण)। घंटी का नाद 'ॐ' तरंग का प्रतीक — नाद ब्रह्म। मन को एकाग्र करती है। वैज्ञानिक दृष्टि: घंटी की vibration हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट करती है।

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विस्तृत उत्तर

घंटी बजाने का महत्व स्कंद पुराण और आगम शास्त्र में वर्णित है:

1देवता को जागृत करना

स्कंद पुराण में कहा गया है — 'आगमार्थं तु देवानां गमनार्थं तु रक्षसाम्। कुर्वे घण्टारवं तत्र देवताह्वानहेतवे।' — देवताओं के आगमन और राक्षसों के गमन के लिए घंटी बजाते हैं।

2नाद ब्रह्म

घंटी की ध्वनि 'ॐ' की तरंग के समान है। यह नाद ब्रह्म का प्रतीक है। घंटी बजाने से मन एकाग्र होता है।

3नकारात्मक ऊर्जा दूर

घंटी की विशेष ध्वनि तरंगें नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से — घंटी की ध्वनि से वातावरण में vibration उत्पन्न होती है जो हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करती है।

4पूजक का ध्यान केंद्रित

घंटी बजाने से पूजक का मन भटकाव से हटकर पूजा में लगता है।

5ब्रह्मांड की ध्वनि का प्रतीक

आगम शास्त्र में कहा गया है — घंटी का नाद सृष्टि के आदि नाद 'ॐ' का स्मरण कराता है।

घंटी बजाने का नियम

  • आवाहन के समय
  • धूप-दीप दिखाते समय
  • आरती के समय
  • पूजा समाप्ति पर
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शास्त्रीय स्रोत
आगम शास्त्र, स्कंद पुराण — घंटा महात्म्य, विष्णु पुराण
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