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पूजा रहस्य📜 शिव पुराण, देवी भागवत — तिलक महत्व, योग शास्त्र — चक्र विज्ञान1 मिनट पठन

पूजा में तिलक क्यों लगाया जाता है?

संक्षिप्त उत्तर

तिलक क्यों: आज्ञा चक्र (तीसरा नेत्र) पर दबाव — एकाग्रता बढ़ती है। इष्ट देव का चिह्न — वैष्णव: ऊर्ध्वपुंड्र; शैव: त्रिपुंड्र; शाक्त: कुमकुम। मंगल और सुरक्षा। वैज्ञानिक: चंदन शीतल, कुमकुम एंटीसेप्टिक।

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विस्तृत उत्तर

तिलक का महत्व शिव पुराण और योग शास्त्र में वर्णित है:

1आज्ञा चक्र का जागरण

योग शास्त्र में भौंहों के बीच 'आज्ञा चक्र' (तीसरा नेत्र) है। तिलक लगाने से इस चक्र पर दबाव पड़ता है — ध्यान और एकाग्रता बढ़ती है।

2इष्ट देव का चिह्न

  • ऊर्ध्वपुंड्र (तिलक) — वैष्णव, 'ॐ' या 'V'
  • त्रिपुंड्र — शैव, तीन रेखाएं
  • कुमकुम — शाक्त

3मंगल और सुरक्षा

तिलक मंगल का प्रतीक। माथे पर तिलक — बुरी नजर से रक्षा।

4पहचान और संकल्प

तिलक — 'मैं इस देव का भक्त हूँ' — यह पहचान और संकल्प।

5वैज्ञानिक

चंदन का तिलक — मस्तिष्क को शीतल रखता है। कुमकुम (हल्दी + चूना) — एंटीसेप्टिक।

देवता अनुसार तिलक

  • विष्णु भक्त — चंदन का ऊर्ध्वपुंड्र
  • शिव भक्त — भस्म त्रिपुंड्र
  • देवी भक्त — कुमकुम
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शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण, देवी भागवत — तिलक महत्व, योग शास्त्र — चक्र विज्ञान
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