ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

गंध से जुड़े सभी प्रश्न(4)

गंध पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 4 प्रश्न उपलब्ध हैं।

पूजा विधि एवं कर्मकांड

पूजा में गंध अर्पित करने का महत्व

गंध अर्पण षोडशोपचार का नौवाँ उपचार है जिसमें चंदन, अष्टगंध या इत्र अर्पित किया जाता है। शास्त्रों में इससे पुण्य प्राप्ति और यश-कीर्ति का विस्तार बताया गया है। 'गंधं विलेपयामि' मंत्र के साथ देवता को चंदन लगाएँ।

#गंध#चंदन#सुगंध
विश्वव्यापक शिव

शिव इन्द्रियों के विषयों में कैसे हैं?

शिव को शब्द, स्पर्श, रस और गंध स्वरूप कहा गया है; उन्हें गंधी और गणों का अधिपति भी नमस्कार किया गया है।

#शब्द#स्पर्श#रस
पंचोपचार पूजा

गंध (सुगंध) किस तत्व का प्रतीक है?

गंध = पृथ्वी तत्व — प्रतीकात्मक अर्थ: स्थिरता, पवित्रता, पुण्य, आधार। शिष्य इससे अपना शुद्ध आचरण, चरित्र और देह-भाव समर्पित करता है।

#गंध#पृथ्वी तत्व#स्थिरता पवित्रता
पूजा रहस्य

पूजा में चंदन क्यों लगाया जाता है?

चंदन क्यों: पृथ्वी तत्व की गंध का अर्पण। 'चंदनं विष्णुप्रियम्' (विष्णु पुराण)। शीतलता और सात्विकता का प्रतीक। वैज्ञानिक: मस्तक पर चंदन से शांति। श्वेत चंदन — विष्णु-शिव; गोरोचन — देवी।

#चंदन#गंध#शीतल
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।