विस्तृत उत्तर
शिव को इन्द्रियों के विषयों में शब्द, स्पर्श, रस और गंध रूप से बताया गया है। विष्णु स्तुति में शब्दस्वरूप, स्पर्शस्वरूप, रसस्वरूप और गन्धस्वरूप को नमस्कार करते हैं। उसी क्रम में गन्धी, गणों के अधिपति और गुहा से भी गुह्यतम रुद्र को नमस्कार कहा गया है। यह वर्णन बताता है कि शिव केवल किसी एक रूप में नहीं, बल्कि अनुभव के सूक्ष्म विषयों और गुह्यतम तत्त्वों में भी वंदित हैं।
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