विस्तृत उत्तर
पाप शुद्धि के लिए विष्णु द्वारा कहे गए इस स्तोत्र का नित्य जप और पाठ करना चाहिए। ब्रह्मा ने इस स्तोत्र को पुण्यप्रद और सभी पापों का नाश करने वाला बताया है। पाठ करने वाला या वेदपारगामी ब्राह्मणों को सुनाने वाला, पापकर्म में लिप्त होने पर भी ब्रह्मलोक को प्राप्त करता है। इसलिए सभी पापों की शुद्धि के लिए मनुष्य को इस स्तोत्र का नित्य जप करना, पाठ करना और धर्मनिष्ठ ब्राह्मणों को सुनाना बताया गया है।
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