विस्तृत उत्तर
साधना के अनुष्ठान समाप्त होने के बाद भी, साधक को बटुक भैरव के मंत्रों का प्रतिदिन कम से कम एक माला जाप अवश्य करना चाहिए ताकि उनकी कृपा स्थायी रूप से बनी रहे।
साधना के बाद भी नित्य एक माला जाप इसलिए जरूरी है ताकि बटुक भैरव की कृपा स्थायी रूप से बनी रहे।
साधना के अनुष्ठान समाप्त होने के बाद भी, साधक को बटुक भैरव के मंत्रों का प्रतिदिन कम से कम एक माला जाप अवश्य करना चाहिए ताकि उनकी कृपा स्थायी रूप से बनी रहे।
इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ
पौराणिक पर आपको व्यापार और गृहस्थ जीवन से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।