विस्तृत उत्तर
दैनिक साधना के रूप में साधक को कम से कम 7 बार से शुरू कर 108 बार (एक माला) तक मंत्र का जाप करना चाहिए।
साधना के अनुष्ठान समाप्त होने के बाद भी, साधक को बटुक भैरव के मंत्रों का प्रतिदिन कम से कम एक माला जाप अवश्य करना चाहिए ताकि उनकी कृपा स्थायी रूप से बनी रहे।





