विस्तृत उत्तर
महामृत्युंजय मंत्र के जप का विधान:
— रुद्राक्ष की लाल धागे वाली माला से जप करें।
— लाल आसन पर बैठकर, उत्तर दिशा की ओर मुख करके जप करें।
— ब्रह्म मुहूर्त (प्रातः ४:०० बजे) इसका जप सर्वोत्तम माना गया है।
रुद्राभिषेक के दौरान या उपरांत इस मंत्र का १०८ बार (एक माला) जप करने से:
— अकाल मृत्यु के भय का समूल नाश होता है
— व्याधियों का शमन होता है
— असीम जीवन-ऊर्जा प्राप्त होती है।





