विस्तृत उत्तर
महामृत्युंजय मंत्र का जप 108 बार करना चाहिए।
माला: रुद्राक्ष
दिशा: पूर्व
श्रेष्ठ समय: ब्रह्म मुहूर्त
ध्यान-विधि: भगवान त्र्यंबकेश्वर (शिव) का ध्यान
कालसर्प दोष में 'काल' या 'मृत्यु' के निवारण हेतु महामृत्युंजय मंत्र शास्त्रों में अचूक अस्त्र माना गया है।





