विस्तृत उत्तर
एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगाजल मिश्रित पानी से स्नान करना चाहिए। नहाने के बाद स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करने चाहिए। फिर भगवान विष्णु के सामने हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर व्रत का संकल्प लेना चाहिए। संकल्प का भाव यह होना चाहिए— 'हे पुण्डरीकाक्ष! मैं आपकी प्रसन्नता हेतु आज निराहार रहकर एकादशी का व्रत करूँगा। आप मुझे शक्ति प्रदान करें कि मेरा यह व्रत निर्विघ्न संपन्न हो।'





