विस्तृत उत्तर
चंद्र पूजा विधि
चंद्र = मन, माता, जल, शीतलता का कारक। कमजोर चंद्र = मानसिक अशांति, अनिद्रा।
विधि: सोमवार शाम/रात → चंद्र दर्शन → सफ़ेद फूल+चावल+दूध → 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः' 108 बार (स्फटिक/मोती माला)। शिव पूजा (चंद्र = शिव मस्तक)।
दान: सोमवार — चावल, दूध, सफ़ेद वस्त्र, चांदी, कपूर।
विशेष: पूर्णिमा = चंद्र पूजा सर्वोत्तम। करवा चौथ = चंद्र दर्शन। शरद पूर्णिमा = खीर + चंद्र किरणें = औषधीय।
रत्न: मोती — अनामिका, चांदी (ज्योतिषी सलाह)।
लाभ: मानसिक शांति, अच्छी नींद, माता सुख, सुंदरता, भावनात्मक संतुलन।





