विस्तृत उत्तर
सत्यनारायण पूजा = विष्णु भगवान की पूजा — शुभ कार्य/मनोकामना पूर्ति पर।
कब: पूर्णिमा (सर्वोत्तम), एकादशी, संक्रांति, या कोई शुभ अवसर।
सामग्री: केला पत्ता, सूप (गेहूँ आटा+चीनी+घी+केला=प्रसाद), पंचामृत, फल, पान-सुपारी, सिक्के, लाल कपड़ा, कलश।
विधि (संक्षिप्त)
- 1कलश स्थापना → गणेश पूजन।
- 2नवग्रह पूजन (वैकल्पिक)।
- 3सत्यनारायण कथा — 5 अध्याय। पंडित/परिवार सदस्य पढ़ें।
- 4प्रत्येक अध्याय बाद आरती + प्रसाद वितरण।
- 5पंचामृत अभिषेक → विष्णु पूजा → 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' जप।
- 6सूप (प्रसाद) बनाएँ — गेहूँ आटा+घी+चीनी+केला।
- 7आरती: 'ॐ जय जगदीश हरे...'।
- 8प्रसाद सबको बांटें — बिना प्रसाद लिए न जाएँ (कथा में प्रसाद न लेने का दोष बताया)।
महत्वपूर्ण: कथा ध्यान से सुनें। प्रसाद अवश्य लें।





