विस्तृत उत्तर
राम दरबार = राम + सीता + लक्ष्मण + हनुमान — एक साथ।
स्थापना: पूर्व/उत्तर/ईशान दिशा। ऊँचा स्थान (भूमि नहीं)। राम = केंद्र, सीता = बाएँ, लक्ष्मण = दाएँ, हनुमान = सामने (प्रणाम मुद्रा)।
शुभ दिन: रामनवमी, विवाह पंचमी, चैत्र शुक्ल, गुरुवार/मंगलवार।
विधि: गंगाजल+पंचामृत से शुद्ध → लाल/पीला कपड़ा → स्थापित → तुलसी+चंदन → 'ॐ श्रीरामाय नमः' 108 → आरती → भोग।
नित्य: प्रतिदिन दीपक+तुलसी। रामचरितमानस/हनुमान चालीसा। तुलसी पौधा भी पास रखें।
⚠️ मूर्ति = प्राणप्रतिष्ठा करवाएँ (पंडित)। तस्वीर = बिना प्रतिष्ठा भी शुभ।




