विस्तृत उत्तर
संध्या आरती = सूर्यास्त के समय (~6:00-7:00 PM, ऋतु अनुसार)।
सही समय: सूर्यास्त से 15 मिनट पहले से 15 मिनट बाद = गोधूलि बेला। यह सबसे शुभ समय — दिन-रात संधिकाल।
क्यों: संध्या = 'संधि' = दो कालों का मिलन। इस समय वातावरण में विशेष ऊर्जा परिवर्तन — दीपक जलाना = अंधकार (अज्ञान) दूर।
नियम: स्नान/हाथ-मुख धोकर, स्वच्छ वस्त्र, दीपक+अगरबत्ती, घंटी, आरती गाएँ।
मंदिर: 5 बार आरती — ब्राह्म(4 AM), प्रातः, मध्याह्न, संध्या(सूर्यास्त), शयन(रात)। घर=2 बार (प्रातः+संध्या)।





