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महोच्छुष्मा

महोच्छुष्मा मंत्र: ब्रह्मयामल तंत्र और चतुर्-गुह्यका

📿 पौराणिक•1 मिनट पढ़ें
अंतिम अपडेट: 17 जनवरी 2026
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महोच्छुष्मा गुह्यका देवी के प्रमाणिक मंत्र: मूल जप मंत्र, कापालिक हवन मंत्र और ब्रह्मयामलानुसार चतुर्-गुह्यका स्थापना विधि !

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महोच्छुष्मा मंत्र एवं चतुर्-गुह्यका स्थापना विधि | Mahochushma Mantra & Sadhana

महोच्छुष्मा : मंत्र

1.1 मूल मंत्र (साधना हेतु)

महोच्छुष्मा का पूर्ण 'पूजा मंत्र' या 'जप मंत्र' निम्नलिखित है। यह मंत्र ब्रह्मयामल की विधि के अनुसार 'प्रणव' (ॐ) और 'नमः/स्वाहा' से सम्पुटित है।

शुद्ध संस्कृत पाठ:

ॐ पं महोच्छुष्मायै नमः

मंत्र का अर्थ:

"मैं उस महाशक्ति (महोच्छुष्मा) को नमन करता हूँ, जिनका स्वरूप 'पं' बीज में निहित है और जो प्रचंड ताप और तेज की स्वामिनी हैं।"

वैकल्पिक कापालिक मंत्र (हवन हेतु):

यदि साधक दीक्षित है और हवन (अग्नि कार्य) कर रहा है, तो 'स्वाहा' अंत वाला मंत्र प्रयोग किया जाता है:

ॐ ह्रीं पं महोच्छुष्मा-गुह्यका-देव्यै स्वाहा

1.1 चतुर्-गुह्यका स्थापना मंत्र

महोच्छुष्मा की साधना कभी भी एकाकी में नहीं की जाती। ब्रह्मयामल के विधान के अनुसार, साधक को अपने चारों दिशाओं में चार गुह्यकाओं की मानसिक स्थापना (न्यास) करनी होती है। इसके बिना महोच्छुष्मा का आवाहन अपूर्ण माना जाता है।

विनियोग (दिशाओं के अनुसार):

दिशा देवी बीज मंत्र पूर्ण मंत्र
पूर्व रक्ता चं ॐ चं रक्तायै नमः
दक्षिण कराला डे ॐ डे करालायै नमः
पश्चिम चण्डाक्षी क ॐ क चण्डाक्ष्यै नमः
उत्तर महोच्छुष्मा प ॐ प महोच्छुष्मायै नमः

तात्पर्य: यह स्पष्ट करता है कि महोच्छुष्मा 'उत्तर' दिशा (कुबेर की दिशा) की स्वामिनी होने के साथ-साथ भैरव मंडल का एक अभिन्न अंग हैं।

❓ इस विषय के 5 प्रश्न

पूजा विधान

आरती और मंत्र जप में क्या अंतर है

मंत्र जप ध्वनि और एकाग्रता के माध्यम से ऊर्जा जाग्रत करने की आंतरिक साधना है, जबकि आरती प्रेम, भाव और पूजा की त्रुटियों की क्षमा मांगने का एक सामूहिक और संगीतमय उत्सव है।

मंत्र साधना

जल्दी शादी के लिए मंत्र

शीघ्र विवाह के लिए कन्याओं को माता कात्यायनी के मंत्र ('कात्यायनि महामाये...') और पुरुषों को माता दुर्गा के मंत्र ('पत्नीं मनोरमां देहि...') का नियमित जप करना चाहिए।

मंत्र साधना

कुलदेवी को प्रसन्न करने का गुप्त मंत्र

कुलदेवी का विशिष्ट मंत्र ज्ञात न होने पर 'ॐ कुलदेव्यै नमः' या 'नवार्ण मंत्र' का जप लाल पुष्प अर्पित कर करने से कुलदेवी प्रसन्न होती हैं और परिवार की रक्षा करती हैं।

मंत्र साधना

कोर्ट केस में जीत के लिए मंत्र

कोर्ट केस में विजय और शत्रुओं के स्तंभन के लिए हल्दी की माला से माता बगलामुखी के मंत्र का जप करना सबसे शक्तिशाली और अचूक उपाय है।

मंत्र साधना

बीमारी से रक्षा के लिए महामृत्युंजय मंत्र

गंभीर बीमारियों और अकाल मृत्यु से रक्षा के लिए भगवान शिव के 'महामृत्युंजय मंत्र' का रुद्राक्ष की माला से जप और अमृत वर्षा का ध्यान करना सनातन धर्म का सबसे अचूक उपाय है।

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