पूजा विधिचंद्र देव की पूजा कैसे करें?सोमवार शाम/रात, चंद्र दर्शन, सफ़ेद फूल+दूध। 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे' 108। चावल/दूध/चांदी दान। पूर्णिमा सर्वोत्तम। मोती(ज्योतिषी)। शांति/नींद/माता सुख।#चंद्र#पूजा#सोमवार
दोष निवारणमानसिक तनाव और डिप्रेशन दूर करने का मंत्रडिप्रेशन और मानसिक तनाव को दूर करने के लिए भगवान शिव के 'ॐ नमः शिवाय' और चंद्र देव के बीज मंत्र का गहरी सांसों के साथ मानसिक जप करना चाहिए।#मानसिक तनाव#डिप्रेशन#शिव
वार शास्त्रसोमवार को कौन से काम शुभ?सोमवार=चंद्र। शिव पूजा, यात्रा, नया कार्य, दूध/चांदी/मोती खरीद, गृहप्रवेश, शिक्षा, चिकित्सा। शत्रु/आक्रामक कार्य वर्जित।#सोमवार#शुभ कार्य#चंद्र
रुद्राष्टाध्यायी के अध्यायमहामृत्युंजय मंत्र किस अध्याय में है?महामृत्युंजय मंत्र = रुद्राष्टाध्यायी के षष्ठ अध्याय 'महच्छिर सूक्त' में। देवता: चंद्र। आयु वृद्धि, आरोग्य और मृत्यु भय के निवारण के लिए।#महामृत्युंजय मंत्र#षष्ठ अध्याय#महच्छिर सूक्त
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोग२ मुखी रुद्राक्ष के देवता, मंत्र और ज्योतिषीय लाभ क्या हैं?२ मुखी रुद्राक्ष अर्धनारीश्वर स्वरूप है, इसका मंत्र 'ॐ नमः' है और यह चंद्र ग्रह के दोष मिटाकर गो-हत्या पाप का नाश करता है।#2 मुखी#अर्धनारीश्वर#चंद्र
यमलोक एवं न्यायसूर्य, चंद्र, वायु, अग्नि और आकाश मनुष्य के कर्म क्यों जानते हैं?गरुड़ पुराण के तृतीय अध्याय के अनुसार सूर्य, चंद्र, वायु, अग्नि, आकाश, भूमि, जल, हृदय और दोनों संध्याएँ — ये सभी मनुष्य के कर्मों के नित्य साक्षी हैं। साथ ही यमराज के गुप्तचर श्रवण भी सभी कर्म जानते हैं।#सूर्य#चंद्र#कर्म साक्षी
ज्योतिष दोष एवं उपायचंद्र ग्रह मजबूत करने सोमवार उपायसोमवार: शिव अभिषेक+'ॐ सों सोमाय नमः' 108+सफेद+दूध/चावल दान+मोती+माता सेवा+ध्यान।#चंद्र#सोमवार#उपाय
राशि अनुसार उपायकर्क राशि चंद्र मंत्र कैसे जपेंकर्क=चंद्र। 'ॐ सों सोमाय नमः' 108, सोमवार, सफेद, शिव पूजा। मोती (चांदी)। स्फटिक माला।#कर्क#चंद्र#मंत्र
ज्योतिष दोष एवं उपायचंद्र ग्रह कमजोर होने पर मन अशांतमन अशांत, चिंता/अवसाद, नींद, माता कलह। उपाय: शिव पूजा, 'ॐ सों सोमाय नमः', मोती (चांदी), 2 मुखी, सफेद दान, माता सेवा, ध्यान।#चंद्र#कमजोर#मन
रुद्राक्षदो मुखी रुद्राक्ष किसे पहनना चाहिएदो मुखी = अर्धनारीश्वर/चंद्रमा। दांपत्य सुधार, चंद्र दोष, मानसिक शांति, एकाग्रता (विद्यार्थी), माता कृपा। मंत्र: 'ॐ नमः'। ₹100-1,000।#दो मुखी#रुद्राक्ष#अर्धनारीश्वर
रत्नमोती रत्न किसे पहनना चाहिए किस उंगली मेंमोती = चंद्रमा। कर्क राशि, मानसिक शांति, माता संबंध, सौंदर्य। कनिष्ठा (दाहिना), चांदी, सोमवार, 'ॐ सों सोमाय नमः' 108 बार। ज्योतिषी परामर्श अनिवार्य — राहु/केतु प्रबल हो तो हानिकारक।#मोती#चंद्र#रत्न
श्राद्ध एवं पितृ कर्मसूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण पर तर्पण करना चाहिए क्याहाँ — ग्रहण काल में तर्पण/दान = अनेक गुना पुण्य। ग्रहण मोक्ष (समाप्ति) पर स्नान + तिल-जल तर्पण + दान = सर्वोत्तम। भोजन वर्जित, पर जप/तर्पण/दान = अत्यंत शुभ।#ग्रहण#तर्पण#सूर्य
रत्न शास्त्रमोती माला से चंद्र शांत होता है क्या?हाँ — मोती=चंद्र(मन)। शांति, अनिद्रा दूर। कनिष्ठा, चांदी, सोमवार, 'ॐ चंद्राय नमः'। 10-15 दिन। कर्क विशेष।#मोती#चंद्र#शांति
ग्रह मंत्रचंद्र गायत्री मंत्र का जप मन शांति के लिए कैसे करें?'ॐ पद्मध्वजाय विद्महे...तन्नो सोमः प्रचोदयात्'। बीज: 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः' 11,000। सोमवार, श्वेत वस्त्र, मोती/स्फटिक। चंद्र = मन कारक — बलवान चंद्र = स्थिर मन। शिव पूजा + दूध दान।#चंद्र#गायत्री#मन शांति