विस्तृत उत्तर
चंद्र गायत्री
'ॐ पद्मध्वजाय विद्महे हेमरूपाय धीमहि तन्नो सोमः प्रचोदयात्'
बीज: 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः' (11,000)
सरल: 'ॐ सोमाय नमः' (108 नित्य)
कब: सोमवार (चंद्र दिवस)। पूर्णिमा विशेष। सायंकाल/रात्रि (चंद्र दर्शन सहित)।
कैसे: श्वेत वस्त्र → श्वेत पुष्प/चंदन → मोती/स्फटिक माला → उत्तर दिशा → 108 बार → खीर/दूध भोग।
मन शांति कैसे
- ▸ज्योतिष: चंद्र = मन का कारक। कमजोर चंद्र = अस्थिर मन, चिंता, भय, अनिद्रा।
- ▸चंद्र मंत्र = चंद्र बलवान → मन स्थिर → शांति।
- ▸चंद्र = शीतलता → जप से मन शीतल।
अन्य: शिव पूजा (चंद्र = शिव के मस्तक), सोमवार व्रत, दूध दान।





