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ग्रह मंत्र📜 ऋग्वेद, ज्योतिष शास्त्र1 मिनट पठन

सूर्य मंत्र का जप कब और कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

बीज: 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' 7,000। गायत्री = मूलतः सूर्य मंत्र। सूर्योदय, रविवार, सूर्य मुख, जल अर्घ्य, 108। उद्देश्य: आत्मविश्वास, पदोन्नति, नेत्र/हृदय, सूर्य शांति।

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विस्तृत उत्तर

सूर्य मंत्र

  • बीज: 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' (7,000 अनुष्ठान)
  • सरल: 'ॐ सूर्याय नमः' (108 नित्य)
  • गायत्री: 'ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं...' (मूल गायत्री = सूर्य मंत्र)
  • आदित्य गायत्री: 'ॐ आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयात्'

कब: सूर्योदय (सर्वोत्तम)। रविवार विशेष। मकर संक्रांति, रथ सप्तमी।

कैसे: सूर्य मुख → जल अर्घ्य (ताम्र पात्र) + मंत्र → लाल/ताम्र वस्त्र → रुद्राक्ष/स्फटिक माला → 108 बार।

उद्देश्य: आत्मविश्वास, पदोन्नति, सरकारी कार्य, नेत्र/हृदय स्वास्थ्य, पिता कल्याण, सूर्य ग्रह शांति।

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शास्त्रीय स्रोत
ऋग्वेद, ज्योतिष शास्त्र
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