विस्तृत उत्तर
षड्अक्षर = 'ॐ नमः शिवाय' (6 अक्षर — ॐ + न + मः + शि + वा + य)। पंचाक्षर = 'नमः शिवाय' (5 अक्षर, बिना ॐ):
जप विधि
- 1स्नान कर शुद्ध वस्त्र, शिवलिंग/शिव चित्र समक्ष।
- 2रुद्राक्ष माला (108 दाने) से जप।
- 3'ॐ नमः शिवाय' — स्पष्ट, मध्यम स्वर में। प्रत्येक दाने पर एक बार।
- 4108 बार (1 माला) = न्यूनतम। 1008 बार (10 माला) = उत्तम।
- 5दाहिने हाथ से माला, मध्यमा+अंगूठे से दाना फेराएं (तर्जनी न लगाएं)।
- 6मेरु (बड़ा दाना) लांघें नहीं — वापस मोड़ें।
कब: प्रातः (ब्रह्ममुहूर्त सर्वोत्तम), संध्या (प्रदोष), या कभी भी। सोमवार/शिवरात्रि/सावन विशेष।
शिव पंचाक्षर स्तोत्र (शंकराचार्य)
प्रत्येक श्लोक 'नमः शिवाय' के एक अक्षर (न, म, शि, वा, य) से आरंभ — पंचमहाभूतों का प्रतीक। प्रतिदिन 1 बार पाठ + 108 जप = सम्पूर्ण।





