विस्तृत उत्तर
बिल्वाष्टक स्तोत्र (शंकराचार्य रचित) बेलपत्र अर्पण के साथ पढ़ा जाने वाला 8 श्लोकों का स्तोत्र:
विधि
- 1शिवलिंग के समक्ष शुद्ध आसन पर बैठें।
- 2शिवलिंग पर जलाभिषेक करें।
- 38 बेलपत्र (त्रिदल — तीन पत्ती वाले, अखंडित) हाथ में रखें।
- 4प्रत्येक श्लोक पढ़ने के बाद एक बेलपत्र शिवलिंग पर अर्पित करें।
- 5प्रत्येक श्लोक 'बिल्वशाखां प्रयच्छामि' या 'बिल्वपत्रं शिवार्पणम्' से समाप्त — इस पंक्ति पर बेलपत्र चढ़ाएं।
- 68 श्लोक = 8 बेलपत्र।
- 7अंत में 'ॐ नमः शिवाय' 3 बार जपें।
कब पढ़ें: सोमवार, शिवरात्रि, सावन, प्रदोष — या प्रतिदिन।
प्रसिद्ध पंक्ति: 'त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रयायुधम्। त्रिजन्मपापसंहारं एकबिल्वं शिवार्पणम्॥' — एक बिल्वपत्र अर्पित = तीन जन्मों के पाप नष्ट।





