"ॐ नमो भगवते अंजनेयाय स्वाहा"
साधना: इस मंत्र का दस हजार बार जाप और उसके दशांश हवन का विधान शास्त्रों में वर्णित है।
लाभ: इस मंत्र की साधना से समस्त प्रकार के दुःखों एवं संकटों का स्थायी रूप से नाश होता है।
"अंजनीगर्भितसंभूतकपूररामप्रियनमस्तुभ्यंहनुमंरक्षसर्वदा॥"
स्रोत एवं लाभ: यह एक श्लोकात्मक हनुमान भक्त मंत्र है। विशेष रूप से शनिवार के दिन हनुमान मंदिर जाते समय मार्ग में इस मंत्र का उच्चारण करते हुए जाने से विशेष लाभ होता है। यह मुख्य रूप से रक्षा प्रदायक मंत्र है।
अल्पज्ञातता: अपनी सरलता और स्पष्ट अर्थ के बावजूद, यह मंत्र विशिष्ट लाभ और प्रयोग विधि के कारण एक गोपनीय मंत्र की श्रेणी में आता है।
