विस्तृत उत्तर
योगी देवताओं, ग्रहों और भुवनों को योगजन्य सामर्थ्य से देखता है। पाठ में कहा गया है कि वह तेजस्वी देवताओं के बिम्ब और हजारों प्रकार के विमानों को देखने की क्षमता प्राप्त करता है। वह ब्रह्मा, विष्णु, इन्द्र, यम, अग्नि, वरुण आदि देवताओं, ग्रहों, नक्षत्रों, तारों और हजारों भुवनों को देखता है। वह पाताल के तल में स्थित पदार्थों को भी आत्मविद्यारूप स्थिर दीपक से समाधिस्थ होकर देखता है।
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