विस्तृत उत्तर
पाशुपत योग में मन स्थिर इसलिए रखना चाहिए क्योंकि शिव की महिमा का पूर्ण वर्णन हजारों वर्षों में भी नहीं किया जा सकता। पाठ में कहा गया है कि शिवमहिमा अत्यन्त व्यापक है, इसलिए पाशुपतयोग में निष्ठापूर्वक रहना चाहिए और उसी में मन को सदा स्थिर रखना चाहिए। इससे पहले परमेश्वर की कृपा से धर्म, ऐश्वर्य, ज्ञान, वैराग्य और मोक्ष सुलभ होने की बात कही गई है। इसलिए पाशुपत योग में स्थिरता शिवकृपा और मोक्षमार्ग से जुड़ी है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





