विस्तृत उत्तर
पाशुपत योग से परम ऐश्वर्य का सम्बन्ध पाठ में उसके उद्देश्य से बताया गया है। कहा गया है कि सभी को परम ऐश्वर्य की प्राप्ति कराने हेतु पशुपति रुद्र द्वारा जो योग प्रवर्तित किया गया, वह पाशुपतयोग कहलाता है। इससे पहले यह भी कहा गया है कि योगाचार्यों के सैकड़ों-हजारों शिष्य और प्रशिष्य पाशुपत योग प्राप्त करके शिवलोक के अधिकारी हुए। इसलिए पाशुपत योग का फल परम ऐश्वर्य और शिवलोक-अधिकार से जुड़ा बताया गया है।
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