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पूर्वभाग अध्याय 7 से जुड़े सभी प्रश्न(44)

पूर्वभाग अध्याय 7 पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 44 प्रश्न उपलब्ध हैं।

पाशुपत योग

पाशुपत योग से परम ऐश्वर्य कैसे मिलता है?

पाशुपत योग सबको परम ऐश्वर्य दिलाने हेतु पशुपति रुद्र द्वारा प्रवर्तित बताया गया है।

#पाशुपत योग#परम ऐश्वर्य#पशुपति रुद्र
पाशुपत योग

पाशुपत योग किसने प्रवर्तित किया?

पाशुपत योग पशुपति रुद्र ने प्रवर्तित किया।

#पाशुपत योग#पशुपति रुद्र#शिव
पाशुपत योग

पाशुपत योग क्या है?

पाशुपत योग वह योग है जिसे पशुपति रुद्र ने सबको परम ऐश्वर्य दिलाने के लिए प्रवर्तित किया।

#पाशुपत योग#पशुपति रुद्र#परम ऐश्वर्य
पाशुपत योग

शिव को पशुपति क्यों कहा जाता है?

देवता से पिशाच तक सभी प्राणी पशु कहे गए हैं; उनके पति यानी स्वामी होने के कारण शिव पशुपति हैं।

#पशुपति#शिव#पशु
पाशुपत योग

पशु किसे कहा गया है?

देवता से लेकर पिशाच तक सभी प्राणी पशु कहे गए हैं।

#पशु#देवता#पिशाच
पाशुपत योग

पाशुपत योग प्राप्त करने से क्या फल मिला?

पाशुपत योग प्राप्त करने से शिष्य और प्रशिष्य शिवलोक के अधिकारी हुए।

#पाशुपत योग#शिवलोक#शिष्य
पाशुपत योग

योगाचार्यों के शिष्य और प्रशिष्य कहाँ पहुँचे?

योगाचार्यों के सैकड़ों-हजारों शिष्य और प्रशिष्य पाशुपत योग प्राप्त कर शिवलोक के अधिकारी हुए।

#शिष्य#प्रशिष्य#पाशुपत योग
शिष्य परम्परा

भस्म-विभूषित योगी कौन थे?

योगाचार्यों के महात्मा शिष्य भस्म-विभूषित शरीर वाले बताए गए हैं।

#भस्म-विभूषित#योगी#योगाचार्य शिष्य
शिष्य परम्परा

शैवी दीक्षा क्या बताई गई है?

शैवी दीक्षा का अलग विधि-वर्णन यहाँ नहीं है; योगाचार्यों के शिष्य शैवी दीक्षा से सम्पन्न बताए गए हैं।

#शैवी दीक्षा#शिष्य#भस्म
शिष्य परम्परा

योगाचार्यों के शिष्यों के गुण क्या थे?

योगाचार्यों के शिष्य धर्मात्मा, महान् ओजस्वी, विमल आत्मा, सिद्ध, ब्रह्मनिष्ठ, ज्ञान-योग में निरत, भस्म-विभूषित और शैवी दीक्षा से सम्पन्न थे।

#योगाचार्य शिष्य#धर्मात्मा#ब्रह्मनिष्ठ
शिष्य परम्परा

पराशर, गर्ग, भार्गव और अंगिरा कौन थे?

पराशर, गर्ग, भार्गव और अंगिरा योगाचार्यों के शिष्यों की विस्तृत नामावली में बताए गए हैं।

#पराशर#गर्ग#भार्गव
शिष्य परम्परा

कपिल, आसुरि, पंचशिख और वाल्कल कौन थे?

कपिल, आसुरि, पंचशिख और महायोगी वाल्कल योगाचार्यों के शिष्यों की सूची में बताए गए हैं।

#कपिल#आसुरि#पंचशिख
शिष्य परम्परा

सनक, सनन्द, सनातन और सनत्कुमार किस समूह में बताए गए हैं?

सनक, सनन्द, दिव्यशक्तिसम्पन्न सनातन और सनत्कुमार योगाचार्यों के शिष्यों की सूची में बताए गए हैं।

#सनक#सनन्द#सनातन
शिष्य परम्परा

श्वेत, श्वेतशिखण्डी, श्वेताश्व और श्वेतलोहित कौन थे?

ये योगाचार्यों के शिष्यों की नामावली के प्रारम्भ में बताए गए धर्मात्मा और महान् ओजस्वी शिष्य थे।

#श्वेत#श्वेतशिखण्डी#श्वेताश्व
शिष्य परम्परा

योगेश्वरों के चार-चार शिष्य कैसे थे?

योगेश्वरों के चार-चार शिष्य थे, जो काम और क्रोध आदि विकारों से रहित बताए गए हैं।

#योगेश्वर#चार शिष्य#काम क्रोध रहित
योगावतार

शूली, मुण्डीश्वर और सोमशर्मा कौन हैं?

शूली, दण्डधारी मुण्डीश्वर और सोमशर्मा अट्ठाईस योगाचार्यावतारों के अंतिम भाग में बताए गए नाम हैं।

#शूली#मुण्डीश्वर#सोमशर्मा
योगावतार

शिखण्डभृत, जटामाली और अट्टहास कौन हैं?

शिखण्डभृत्, जटामाली और अट्टहास योगाचार्यावतारों की सूची में बताए गए नाम हैं।

#शिखण्डभृत्#जटामाली#अट्टहास
योगावतार

गोकर्ण और गुहावासी कौन हैं?

गोकर्ण और गुहावासी अट्ठाईस योगाचार्यावतारों की सूची में बताए गए नाम हैं।

#गोकर्ण#गुहावासी#योगाचार्य
योगावतार

दधिवाहन कौन हैं?

दधिवाहन अट्ठाईस योगाचार्यावतारों में महातेजस्वी भगवान् रूप में बताए गए हैं।

#दधिवाहन#योगाचार्य#महातेजस्वी
योगावतार

नकुलीश कौन हैं?

नकुलीश अट्ठाईस योगाचार्यावतारों में अंतिम रूप से बताए गए जगद्गुरु हैं।

#नकुलीश#जगद्गुरु#योगाचार्य
योगावतार

अट्ठाईस योगाचार्य अवतार कौन-कौन हैं?

अट्ठाईस योगाचार्य अवतार श्वेत से नकुलीश तक बताए गए हैं।

#अट्ठाईस योगाचार्य#योगावतार#श्वेत
योगावतार

शिव का श्वेत अवतार कब हुआ?

शिव का श्वेत नामक अवतार आदि कलि, अर्थात् स्वायम्भुव मनु के प्रथम कलि में हुआ।

#श्वेत अवतार#रुद्र#आदि कलि
योगावतार

वैवस्वत मन्वन्तर में महेश्वर के योगावतार कौन हैं?

वैवस्वत मन्वन्तर में महेश्वर के योगावतार श्वेत से लेकर नकुलीश तक अट्ठाईस योगाचार्यावतार बताए गए हैं।

#वैवस्वत मन्वन्तर#महेश्वर#योगावतार
मनु

मनुओं को स्वरात्मक क्यों कहा गया है?

मनुओं को अकार से ओकार तक चौदह स्वरों के रूप वाला कहा गया है, इसलिए वे स्वरात्मक बताए गए हैं।

#मनु#स्वरात्मक#अकार
मनु

चौदह मनुओं के रंग कौन-कौन से बताए गए हैं?

मनुओं के रंग श्वेत, पाण्डु, रक्त, ताम्र, पीत, कापिल, कृष्ण, श्याम, धूम्र, सुधूम्र, अपिशंग, पिशंग, त्रिवर्ण शबल और कालन्धुर बताए गए हैं।

#मनुओं के रंग#श्वेत#कृष्ण
कल्प और मन्वन्तर

श्वेतवाराह कल्प क्या है?

श्वेतवाराह कल्प वर्तमान कल्प बताया गया है, जिसमें सातवें वैवस्वत मन्वन्तर के योगावतारों का वर्णन आता है।

#श्वेतवाराह कल्प#वर्तमान कल्प#वैवस्वत मन्वन्तर
कल्प और मन्वन्तर

वर्तमान कल्प कौन सा बताया गया है?

वर्तमान कल्प श्वेतवाराह कल्प बताया गया है।

#वर्तमान कल्प#श्वेतवाराह कल्प#वैवस्वत मन्वन्तर
मनु

वैवस्वत मनु क्रम में कौन से हैं?

वैवस्वत मनु क्रम में सातवें बताए गए हैं।

#वैवस्वत मनु#सातवें#मनु क्रम
मनु

वैवस्वत मनु कौन हैं?

वैवस्वत मनु वर्तमान सुरेश्वर, ऋकाररूप, कृष्णवर्ण और क्रम में सातवें बताए गए हैं।

#वैवस्वत मनु#सातवें मनु#ऋकाररूप
मनु

स्वायम्भुव मनु कौन हैं?

स्वायम्भुव मनु आदिमनु बताए गए हैं और चौदह मनुओं की सूची में पहले आते हैं।

#स्वायम्भुव मनु#आदिमनु#मनु
मनु

चौदह मनु कौन-कौन हैं?

चौदह मनु स्वायम्भुव, स्वारोचिष, उत्तम, तामस, रैवत, चाक्षुष, वैवस्वत, सावर्णि, धर्म, सावर्णिक, पिशंग, अपिशंगाभ, शबल और वर्णक बताए गए हैं।

#चौदह मनु#स्वायम्भुव#वैवस्वत
व्यास

कृष्णद्वैपायन व्यास कौन हैं?

कृष्णद्वैपायन अट्ठाईस व्यासों में अंतिम रूप से बताए गए हैं और साक्षात् विष्णुस्वरूप मुनि कहे गए हैं।

#कृष्णद्वैपायन#व्यास#विष्णुस्वरूप
व्यास

अट्ठाईस व्यास कौन-कौन हैं?

अट्ठाईस व्यासों में क्रतु से लेकर कृष्णद्वैपायन तक नाम बताए गए हैं।

#अट्ठाईस व्यास#व्यास#कृष्णद्वैपायन
व्यास

व्यासों के बारे में ऋषियों ने क्या पूछा?

ऋषियों ने पूछा कि प्रत्येक द्वापर में, किन कल्पों और मन्वन्तरों में कौन-कौन व्यास हुए।

#व्यास#ऋषि प्रश्न#द्वापर
शिष्य परम्परा

शिष्य-परम्परा से माहेश्वर ज्ञान कैसे फैला?

यह ज्ञान शिष्य-परम्परा से ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य लोगों को शिवकृपा से प्राप्त हुआ।

#शिष्य परम्परा#माहेश्वर ज्ञान#ब्राह्मण
शिष्य परम्परा

शिव की कृपा से योग में कौन प्रवृत्त हुए?

व्यासावतार, योगाचार्यावतार, शिवावतार, चार शिष्य और अनेक प्रशिष्य महेश्वर की कृपा से योग में प्रवृत्त हुए।

#शिव कृपा#योग#व्यासावतार
माहेश्वर योग

नन्दी ने यह योग किनकी उपस्थिति में बताया था?

नन्दी ने यह योग देवताओं, ऋषियों और पितरों की सन्निधि में सनत्कुमार को बताया था।

#नन्दी#देवता#ऋषि
माहेश्वर योग

नन्दी ने माहेश्वर योग किसे बताया था?

शिलादपुत्र नन्दी ने यह योग ब्रह्मापुत्र सनत्कुमार से कहा था।

#नन्दी#सनत्कुमार#माहेश्वर योग
माहेश्वर योग

शिव योगमार्ग से प्राणियों पर अनुग्रह कैसे करते हैं?

शिव का अनुग्रह योगावतारों, शिष्यों, प्रशिष्यों और शिष्य-परम्परा के माध्यम से योग में प्रवृत्ति कराने के रूप में बताया गया है।

#शिव#योगमार्ग#अनुग्रह
माहेश्वर योग

ऋषियों ने सूतजी से माहेश्वर योग के बारे में क्या पूछा?

ऋषियों ने शिवकृपा से होने वाले विशिष्ट ज्ञान, योग और योगमार्ग से अनुग्रह का वर्णन पूछा।

#ऋषि#सूतजी#माहेश्वर योग
माहेश्वर योग

बड़े योगी भी स्वर्ग और नरक में क्यों जाते हैं?

बड़े योगी भी नानाविध कर्म करके अपने कर्मानुसार स्वर्ग और नरक में जाते हैं।

#योगी#कर्म#स्वर्ग
माहेश्वर योग

ज्ञान से योग और योग से मुक्ति कैसे मिलती है?

शंकर की अनुकम्पा से ज्ञान, ज्ञान से योग में प्रवृत्ति और योग से मुक्ति प्राप्त होती है।

#ज्ञान#योग#मुक्ति
माहेश्वर योग

शिव की कृपा से ज्ञान कैसे मिलता है?

शिव की अनुकम्पा से ज्ञान उत्पन्न होता है; उसी ज्ञान से योग में प्रवृत्ति होती है।

#शिव कृपा#ज्ञान#योग
माहेश्वर योग

माहेश्वर योग क्या है?

माहेश्वर योग शिवकृपा से प्राप्त होने वाला ज्ञानस्वरूप दिव्य योग है, जिसमें ज्ञान से योग और योग से मुक्ति बताई गई है।

#माहेश्वर योग#शिव कृपा#ज्ञान
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