पाशुपत योगपाशुपत योग से परम ऐश्वर्य कैसे मिलता है?पाशुपत योग सबको परम ऐश्वर्य दिलाने हेतु पशुपति रुद्र द्वारा प्रवर्तित बताया गया है।#पाशुपत योग#परम ऐश्वर्य#पशुपति रुद्र
पाशुपत योगपाशुपत योग किसने प्रवर्तित किया?पाशुपत योग पशुपति रुद्र ने प्रवर्तित किया।#पाशुपत योग#पशुपति रुद्र#शिव
पाशुपत योगशिव को पशुपति क्यों कहा जाता है?देवता से पिशाच तक सभी प्राणी पशु कहे गए हैं; उनके पति यानी स्वामी होने के कारण शिव पशुपति हैं।#पशुपति#शिव#पशु
पाशुपत योगपाशुपत योग प्राप्त करने से क्या फल मिला?पाशुपत योग प्राप्त करने से शिष्य और प्रशिष्य शिवलोक के अधिकारी हुए।#पाशुपत योग#शिवलोक#शिष्य
पाशुपत योगयोगाचार्यों के शिष्य और प्रशिष्य कहाँ पहुँचे?योगाचार्यों के सैकड़ों-हजारों शिष्य और प्रशिष्य पाशुपत योग प्राप्त कर शिवलोक के अधिकारी हुए।#शिष्य#प्रशिष्य#पाशुपत योग
शिष्य परम्पराभस्म-विभूषित योगी कौन थे?योगाचार्यों के महात्मा शिष्य भस्म-विभूषित शरीर वाले बताए गए हैं।#भस्म-विभूषित#योगी#योगाचार्य शिष्य
शिष्य परम्पराशैवी दीक्षा क्या बताई गई है?शैवी दीक्षा का अलग विधि-वर्णन यहाँ नहीं है; योगाचार्यों के शिष्य शैवी दीक्षा से सम्पन्न बताए गए हैं।#शैवी दीक्षा#शिष्य#भस्म
शिष्य परम्परायोगाचार्यों के शिष्यों के गुण क्या थे?योगाचार्यों के शिष्य धर्मात्मा, महान् ओजस्वी, विमल आत्मा, सिद्ध, ब्रह्मनिष्ठ, ज्ञान-योग में निरत, भस्म-विभूषित और शैवी दीक्षा से सम्पन्न थे।#योगाचार्य शिष्य#धर्मात्मा#ब्रह्मनिष्ठ
शिष्य परम्परापराशर, गर्ग, भार्गव और अंगिरा कौन थे?पराशर, गर्ग, भार्गव और अंगिरा योगाचार्यों के शिष्यों की विस्तृत नामावली में बताए गए हैं।#पराशर#गर्ग#भार्गव
शिष्य परम्पराकपिल, आसुरि, पंचशिख और वाल्कल कौन थे?कपिल, आसुरि, पंचशिख और महायोगी वाल्कल योगाचार्यों के शिष्यों की सूची में बताए गए हैं।#कपिल#आसुरि#पंचशिख
शिष्य परम्परासनक, सनन्द, सनातन और सनत्कुमार किस समूह में बताए गए हैं?सनक, सनन्द, दिव्यशक्तिसम्पन्न सनातन और सनत्कुमार योगाचार्यों के शिष्यों की सूची में बताए गए हैं।#सनक#सनन्द#सनातन
शिष्य परम्पराश्वेत, श्वेतशिखण्डी, श्वेताश्व और श्वेतलोहित कौन थे?ये योगाचार्यों के शिष्यों की नामावली के प्रारम्भ में बताए गए धर्मात्मा और महान् ओजस्वी शिष्य थे।#श्वेत#श्वेतशिखण्डी#श्वेताश्व
शिष्य परम्परायोगेश्वरों के चार-चार शिष्य कैसे थे?योगेश्वरों के चार-चार शिष्य थे, जो काम और क्रोध आदि विकारों से रहित बताए गए हैं।#योगेश्वर#चार शिष्य#काम क्रोध रहित
योगावतारशूली, मुण्डीश्वर और सोमशर्मा कौन हैं?शूली, दण्डधारी मुण्डीश्वर और सोमशर्मा अट्ठाईस योगाचार्यावतारों के अंतिम भाग में बताए गए नाम हैं।#शूली#मुण्डीश्वर#सोमशर्मा
योगावतारशिखण्डभृत, जटामाली और अट्टहास कौन हैं?शिखण्डभृत्, जटामाली और अट्टहास योगाचार्यावतारों की सूची में बताए गए नाम हैं।#शिखण्डभृत्#जटामाली#अट्टहास
योगावतारगोकर्ण और गुहावासी कौन हैं?गोकर्ण और गुहावासी अट्ठाईस योगाचार्यावतारों की सूची में बताए गए नाम हैं।#गोकर्ण#गुहावासी#योगाचार्य
योगावतारदधिवाहन कौन हैं?दधिवाहन अट्ठाईस योगाचार्यावतारों में महातेजस्वी भगवान् रूप में बताए गए हैं।#दधिवाहन#योगाचार्य#महातेजस्वी
योगावतारनकुलीश कौन हैं?नकुलीश अट्ठाईस योगाचार्यावतारों में अंतिम रूप से बताए गए जगद्गुरु हैं।#नकुलीश#जगद्गुरु#योगाचार्य
योगावतारअट्ठाईस योगाचार्य अवतार कौन-कौन हैं?अट्ठाईस योगाचार्य अवतार श्वेत से नकुलीश तक बताए गए हैं।#अट्ठाईस योगाचार्य#योगावतार#श्वेत
योगावतारशिव का श्वेत अवतार कब हुआ?शिव का श्वेत नामक अवतार आदि कलि, अर्थात् स्वायम्भुव मनु के प्रथम कलि में हुआ।#श्वेत अवतार#रुद्र#आदि कलि
योगावतारवैवस्वत मन्वन्तर में महेश्वर के योगावतार कौन हैं?वैवस्वत मन्वन्तर में महेश्वर के योगावतार श्वेत से लेकर नकुलीश तक अट्ठाईस योगाचार्यावतार बताए गए हैं।#वैवस्वत मन्वन्तर#महेश्वर#योगावतार
मनुमनुओं को स्वरात्मक क्यों कहा गया है?मनुओं को अकार से ओकार तक चौदह स्वरों के रूप वाला कहा गया है, इसलिए वे स्वरात्मक बताए गए हैं।#मनु#स्वरात्मक#अकार
मनुचौदह मनुओं के रंग कौन-कौन से बताए गए हैं?मनुओं के रंग श्वेत, पाण्डु, रक्त, ताम्र, पीत, कापिल, कृष्ण, श्याम, धूम्र, सुधूम्र, अपिशंग, पिशंग, त्रिवर्ण शबल और कालन्धुर बताए गए हैं।#मनुओं के रंग#श्वेत#कृष्ण
कल्प और मन्वन्तरश्वेतवाराह कल्प क्या है?श्वेतवाराह कल्प वर्तमान कल्प बताया गया है, जिसमें सातवें वैवस्वत मन्वन्तर के योगावतारों का वर्णन आता है।#श्वेतवाराह कल्प#वर्तमान कल्प#वैवस्वत मन्वन्तर
कल्प और मन्वन्तरवर्तमान कल्प कौन सा बताया गया है?वर्तमान कल्प श्वेतवाराह कल्प बताया गया है।#वर्तमान कल्प#श्वेतवाराह कल्प#वैवस्वत मन्वन्तर
मनुवैवस्वत मनु क्रम में कौन से हैं?वैवस्वत मनु क्रम में सातवें बताए गए हैं।#वैवस्वत मनु#सातवें#मनु क्रम
मनुवैवस्वत मनु कौन हैं?वैवस्वत मनु वर्तमान सुरेश्वर, ऋकाररूप, कृष्णवर्ण और क्रम में सातवें बताए गए हैं।#वैवस्वत मनु#सातवें मनु#ऋकाररूप
मनुस्वायम्भुव मनु कौन हैं?स्वायम्भुव मनु आदिमनु बताए गए हैं और चौदह मनुओं की सूची में पहले आते हैं।#स्वायम्भुव मनु#आदिमनु#मनु
मनुचौदह मनु कौन-कौन हैं?चौदह मनु स्वायम्भुव, स्वारोचिष, उत्तम, तामस, रैवत, चाक्षुष, वैवस्वत, सावर्णि, धर्म, सावर्णिक, पिशंग, अपिशंगाभ, शबल और वर्णक बताए गए हैं।#चौदह मनु#स्वायम्भुव#वैवस्वत
व्यासकृष्णद्वैपायन व्यास कौन हैं?कृष्णद्वैपायन अट्ठाईस व्यासों में अंतिम रूप से बताए गए हैं और साक्षात् विष्णुस्वरूप मुनि कहे गए हैं।#कृष्णद्वैपायन#व्यास#विष्णुस्वरूप
व्यासअट्ठाईस व्यास कौन-कौन हैं?अट्ठाईस व्यासों में क्रतु से लेकर कृष्णद्वैपायन तक नाम बताए गए हैं।#अट्ठाईस व्यास#व्यास#कृष्णद्वैपायन
व्यासव्यासों के बारे में ऋषियों ने क्या पूछा?ऋषियों ने पूछा कि प्रत्येक द्वापर में, किन कल्पों और मन्वन्तरों में कौन-कौन व्यास हुए।#व्यास#ऋषि प्रश्न#द्वापर
शिष्य परम्पराशिष्य-परम्परा से माहेश्वर ज्ञान कैसे फैला?यह ज्ञान शिष्य-परम्परा से ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य लोगों को शिवकृपा से प्राप्त हुआ।#शिष्य परम्परा#माहेश्वर ज्ञान#ब्राह्मण
शिष्य परम्पराशिव की कृपा से योग में कौन प्रवृत्त हुए?व्यासावतार, योगाचार्यावतार, शिवावतार, चार शिष्य और अनेक प्रशिष्य महेश्वर की कृपा से योग में प्रवृत्त हुए।#शिव कृपा#योग#व्यासावतार
माहेश्वर योगनन्दी ने यह योग किनकी उपस्थिति में बताया था?नन्दी ने यह योग देवताओं, ऋषियों और पितरों की सन्निधि में सनत्कुमार को बताया था।#नन्दी#देवता#ऋषि
माहेश्वर योगनन्दी ने माहेश्वर योग किसे बताया था?शिलादपुत्र नन्दी ने यह योग ब्रह्मापुत्र सनत्कुमार से कहा था।#नन्दी#सनत्कुमार#माहेश्वर योग
माहेश्वर योगशिव योगमार्ग से प्राणियों पर अनुग्रह कैसे करते हैं?शिव का अनुग्रह योगावतारों, शिष्यों, प्रशिष्यों और शिष्य-परम्परा के माध्यम से योग में प्रवृत्ति कराने के रूप में बताया गया है।#शिव#योगमार्ग#अनुग्रह
माहेश्वर योगऋषियों ने सूतजी से माहेश्वर योग के बारे में क्या पूछा?ऋषियों ने शिवकृपा से होने वाले विशिष्ट ज्ञान, योग और योगमार्ग से अनुग्रह का वर्णन पूछा।#ऋषि#सूतजी#माहेश्वर योग
माहेश्वर योगबड़े योगी भी स्वर्ग और नरक में क्यों जाते हैं?बड़े योगी भी नानाविध कर्म करके अपने कर्मानुसार स्वर्ग और नरक में जाते हैं।#योगी#कर्म#स्वर्ग
माहेश्वर योगज्ञान से योग और योग से मुक्ति कैसे मिलती है?शंकर की अनुकम्पा से ज्ञान, ज्ञान से योग में प्रवृत्ति और योग से मुक्ति प्राप्त होती है।#ज्ञान#योग#मुक्ति
माहेश्वर योगशिव की कृपा से ज्ञान कैसे मिलता है?शिव की अनुकम्पा से ज्ञान उत्पन्न होता है; उसी ज्ञान से योग में प्रवृत्ति होती है।#शिव कृपा#ज्ञान#योग
माहेश्वर योगमाहेश्वर योग क्या है?माहेश्वर योग शिवकृपा से प्राप्त होने वाला ज्ञानस्वरूप दिव्य योग है, जिसमें ज्ञान से योग और योग से मुक्ति बताई गई है।#माहेश्वर योग#शिव कृपा#ज्ञान