ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
शिष्य परम्परा📜 श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 7, PDF पृष्ठ 40, श्लोक 37-52⏱ 1 मिनट पठन

योगाचार्यों के शिष्यों के गुण क्या थे?

अंतिम अपडेट: 29 मई 2026
संक्षिप्त उत्तर

योगाचार्यों के शिष्य धर्मात्मा, महान् ओजस्वी, विमल आत्मा, सिद्ध, ब्रह्मनिष्ठ, ज्ञान-योग में निरत, भस्म-विभूषित और शैवी दीक्षा से सम्पन्न थे।

📖

विस्तृत उत्तर

योगाचार्यों के शिष्यों के अनेक गुण बताए गए हैं। वे धर्मात्मा, महान् ओजस्वी, विमल आत्मा, सिद्ध, ब्रह्मनिष्ठ, ज्ञान और योग में निरत रहने वाले, भस्म-विभूषित शरीर वाले तथा शैवी दीक्षा से सम्पन्न थे। पाठ में यह भी कहा गया है कि सभी युगावर्तों में योगाचार्यों के ये महात्मा शिष्य कहे गए हैं। इसलिए उनका स्वरूप साधना, ज्ञान, योग और शैव दीक्षा से जुड़ा है।

📜
शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 7, PDF पृष्ठ 40, श्लोक 37-52
उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

योगाचार्यों के शिष्यों के गुण क्या थे को संदर्भ सहित समझें

योगाचार्यों के शिष्यों के गुण क्या थे का सबसे सीधा सार यह है: योगाचार्यों के शिष्य धर्मात्मा, महान् ओजस्वी, विमल आत्मा, सिद्ध, ब्रह्मनिष्ठ, ज्ञान-योग में निरत, भस्म-विभूषित और शैवी दीक्षा से सम्पन्न थे।

शिष्य परम्परा जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है. उपलब्ध स्रोत श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 7, PDF पृष्ठ 40, श्लोक 37-52 इस दिशा को मजबूत आधार देता है।

इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।

•

उत्तर का शास्त्रीय आधार देखने के लिए श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 7, PDF पृष्ठ 40, श्लोक 37-52 के उल्लेख को ध्यान से पढ़ें।

•

शिष्य परम्परा श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।

•

यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।

शिष्य परम्परा प्रश्नोत्तर
🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

योगाचार्य शिष्यधर्मात्माब्रह्मनिष्ठज्ञानयोगशैवी दीक्षाश्रीलिङ्गमहापुराणपूर्वभाग अध्याय 7
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

योगाचार्यों के शिष्यों के गुण क्या थे — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको शिष्य परम्परा से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 7, PDF पृष्ठ 40, श्लोक 37-52 पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#योगाचार्य शिष्य#धर्मात्मा#ब्रह्मनिष्ठ#ज्ञान#योग#शैवी दीक्षा#श्रीलिङ्गमहापुराण#पूर्वभाग अध्याय 7