विस्तृत उत्तर
वेदों का महत्व
1सर्वोच्च प्रमाण
मनुस्मृति में कहा गया — *'वेदोऽखिलो धर्ममूलम्'* — वेद ही सम्पूर्ण धर्म का मूल हैं। यदि स्मृति और वेद में विरोध हो, तो वेद ही मान्य है।
2विश्व का सर्वप्राचीन साहित्य
ऋग्वेद विश्व का सर्वाधिक प्राचीन ज्ञात साहित्य है। इसमें मानवता के आरंभिक दार्शनिक, वैज्ञानिक और आध्यात्मिक विचार संरक्षित हैं।
3सर्वविषयी ज्ञानकोश
वेदों में धर्म, दर्शन, खगोल विज्ञान, गणित, रसायन, आयुर्वेद, संगीत, भूगोल, नैतिकता, यज्ञविधि — समस्त विद्याओं का समावेश है।
4जीवन के चार पुरुषार्थों का मार्गदर्शन
धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष — चारों पुरुषार्थों को प्राप्त करने की विधि वेदों में बताई गई है।
5परलौकिक उपाय का एकमात्र स्रोत
भाष्यकारों का मत है — *'प्रत्यक्षेणानुमित्या वा यस्तूपायो न विद्यते। एनं विदन्ति वेदेन तस्माद् वेदस्य वेदता।'* — जो प्रत्यक्ष या अनुमान से नहीं जाना जा सकता, वह केवल वेद द्वारा जाना जाता है।
6भारतीय दर्शन का आधार
छह दर्शन (सांख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, मीमांसा, वेदांत) सभी वेद पर आधारित हैं। उपनिषद, गीता, पुराण — सभी वेद की शाखाएँ हैं।
7अमर ज्ञान
वेद 4000-5000 वर्षों से श्रुति-परंपरा द्वारा अविकृत रूप में सुरक्षित हैं — यह मानव इतिहास की अद्भुत उपलब्धि है।





