ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
वेद ज्ञान⏱ 1 मिनट पठन

वेदों में धर्म का अर्थ क्या है?

वेदों में धर्म का मूल रूप 'ऋत' है — ब्रह्मांडीय सत्य-व्यवस्था जिसे वरुण देव संरक्षित करते हैं।

संक्षिप्त उत्तर

वेदों में धर्म का मूल रूप 'ऋत' है — ब्रह्मांडीय सत्य-व्यवस्था जिसे वरुण देव संरक्षित करते हैं। 'धारयति इति धर्मः' — जो धारण करे, वह धर्म। मनुस्मृति (2/6) — 'वेदोऽखिलो धर्ममूलम्' — सम्पूर्ण वेद ही धर्म का मूल है।

📖

विस्तृत उत्तर

## वेदों में धर्म का अर्थ

'धर्म' का व्युत्पत्ति-अर्थ: 'धृ' धातु (धारण करना) से — 'धारयति इति धर्मः' — जो धारण करे, वह धर्म। यह वह व्यवस्था है जो व्यक्ति, समाज और ब्रह्मांड को टिकाए रखती है।

वेदों में 'ऋत' — धर्म का आदि रूप: वेदों में धर्म का प्राचीनतम रूप 'ऋत' है — ब्रह्मांडीय सत्य-व्यवस्था। ऋग्वेद (4/23/8) में ऋत का रक्षक वरुण देव है। 'ऋत' से 'सत्य' और सत्य से 'धर्म' प्रकट होता है।

वेदों में धर्म के रूप

  • ▸सार्वभौमिक धर्म: सूर्योदय, नदियों का प्रवाह, ऋतु-क्रम — सब ऋत है। इसका पालन करना धर्म, उल्लंघन अधर्म।
  • ▸यज्ञिक धर्म: यज्ञ करना, देवताओं को हविष्य देना, प्रकृति का सम्मान।
  • ▸नैतिक धर्म: ऋग्वेद (1/22/18) में — सत्यवादिता, अहिंसा, दान, अतिथि-सत्कार।
  • ▸वर्णधर्म: पुरुषसूक्त में चार वर्णों के स्वधर्म का उल्लेख।

मनुस्मृति का वैदिक सूत्र (2/6): 'वेदोऽखिलो धर्ममूलम्' — सम्पूर्ण वेद ही धर्म का मूल है।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

वेदों में धर्म का अर्थ क्या है को संदर्भ सहित समझें

वेदों में धर्म का अर्थ क्या है का सबसे सीधा सार यह है: वेदों में धर्म का मूल रूप 'ऋत' है — ब्रह्मांडीय सत्य-व्यवस्था जिसे वरुण देव संरक्षित करते हैं। 'धारयति इति धर्मः' — जो धारण करे, वह धर्म। मनुस्मृति (2/6)...

वेद ज्ञान जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।

•

उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।

•

वेद ज्ञान श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।

•

यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।

वेद ज्ञान प्रश्नोत्तर
🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

धर्मवेदऋतसत्यकर्तव्यविश्व-व्यवस्थावरुण
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

वेदों में धर्म का अर्थ क्या है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको वेद ज्ञान से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#धर्म#वेद#ऋत#सत्य#कर्तव्य#विश्व-व्यवस्था#वरुण