विस्तृत उत्तर
## वेदों में देवताओं का वर्णन
देवता की अवधारणा: 'देव' शब्द 'दिव्' (चमकना) धातु से — देवता वे शक्तियाँ हैं जो प्रकृति और ब्रह्मांड में प्रकाश, जीवन और व्यवस्था का संचालन करती हैं।
तैंतीस देव (यजुर्वेद 7/19, शतपथ ब्राह्मण): वेदों में मूलतः 33 देव: 8 वसु (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश, चंद्र, सूर्य, ध्रुव), 11 रुद्र (प्राण की ग्यारह शक्तियाँ), 12 आदित्य (बारह मासों के सूर्य-स्वरूप) और इंद्र-प्रजापति।
प्रमुख वैदिक देवताओं का वर्णन
- ▸इंद्र — वर्षा, युद्ध, शक्ति के देव — लगभग 250 सूक्त
- ▸अग्नि — यज्ञ, पवित्रता, देव-दूत — लगभग 200 सूक्त
- ▸सोम — अमृत, चंद्र, ध्यान का देव — लगभग 120 सूक्त
- ▸वरुण — ऋत (सत्य-व्यवस्था) और नैतिकता के देव
- ▸उषा — प्रभात, नई शुरुआत की देवी
वैदिक एकेश्वरवाद: ऋग्वेद (1/164/46) में — 'एकं सद् विप्रा बहुधा वदन्ति' — सत्य एक है, देवता उसी एक ब्रह्म के विभिन्न रूप हैं। यास्काचार्य (निरुक्त 7/5) — 'एको देवः सर्वभूतेषु गूढः।'





