ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
वेद ज्ञान📜 ऋग्वेद 1/139/11, 1/164/46, यजुर्वेद 7/19, शतपथ ब्राह्मण, निरुक्त 7/52 मिनट पठन

वेदों में देवताओं का वर्णन कैसे है?

संक्षिप्त उत्तर

वेदों में 33 देव हैं — 8 वसु, 11 रुद्र, 12 आदित्य और इंद्र-प्रजापति। इंद्र और अग्नि के सर्वाधिक सूक्त हैं। ऋग्वेद (1/164/46) के अनुसार सभी देवता उसी एक ब्रह्म के विभिन्न रूप हैं।

📖

विस्तृत उत्तर

## वेदों में देवताओं का वर्णन

देवता की अवधारणा: 'देव' शब्द 'दिव्' (चमकना) धातु से — देवता वे शक्तियाँ हैं जो प्रकृति और ब्रह्मांड में प्रकाश, जीवन और व्यवस्था का संचालन करती हैं।

तैंतीस देव (यजुर्वेद 7/19, शतपथ ब्राह्मण): वेदों में मूलतः 33 देव: 8 वसु (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश, चंद्र, सूर्य, ध्रुव), 11 रुद्र (प्राण की ग्यारह शक्तियाँ), 12 आदित्य (बारह मासों के सूर्य-स्वरूप) और इंद्र-प्रजापति।

प्रमुख वैदिक देवताओं का वर्णन

  • इंद्र — वर्षा, युद्ध, शक्ति के देव — लगभग 250 सूक्त
  • अग्नि — यज्ञ, पवित्रता, देव-दूत — लगभग 200 सूक्त
  • सोम — अमृत, चंद्र, ध्यान का देव — लगभग 120 सूक्त
  • वरुण — ऋत (सत्य-व्यवस्था) और नैतिकता के देव
  • उषा — प्रभात, नई शुरुआत की देवी

वैदिक एकेश्वरवाद: ऋग्वेद (1/164/46) में — 'एकं सद् विप्रा बहुधा वदन्ति' — सत्य एक है, देवता उसी एक ब्रह्म के विभिन्न रूप हैं। यास्काचार्य (निरुक्त 7/5) — 'एको देवः सर्वभूतेषु गूढः।'

📜
शास्त्रीय स्रोत
ऋग्वेद 1/139/11, 1/164/46, यजुर्वेद 7/19, शतपथ ब्राह्मण, निरुक्त 7/5
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

देवतावेदऋग्वेदइंद्रअग्निवरुणतैंतीस देव

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

वेदों में देवताओं का वर्णन कैसे है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको वेद ज्ञान से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर ऋग्वेद 1/139/11, 1/164/46, यजुर्वेद 7/19, शतपथ ब्राह्मण, निरुक्त 7/5 पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।