📖
विस्तृत उत्तर
ज्ञान से योग और योग से मुक्ति का क्रम इस प्रकार बताया गया है: भगवान् शंकर की अनुकम्पा से ज्ञान उत्पन्न होता है, ज्ञान से योग में प्रवृत्ति होती है और योग से मुक्ति मिलती है। पाठ में यह भी कहा गया है कि इस प्रकार शिवजी की कृपा से सब कुछ सिद्ध होता है। इसलिए यहाँ मुक्ति का आधार योग और योग का आधार शिवकृपा से प्राप्त ज्ञान है।
📜
शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 7, PDF पृष्ठ 37, श्लोक 4
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





