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विस्तृत उत्तर
महर्षि अग्निवेश का नाम आग्नेयास्त्र के ज्ञान के एक प्रमुख स्रोत के रूप में उभर कर आता है। उन्होंने ही गुरु द्रोणाचार्य को आग्नेयास्त्र की शिक्षा दी थी। यह ज्ञान फिर द्रोणाचार्य से उनके शिष्यों जैसे अर्जुन और अश्वत्थामा तक पहुंचा। यह गुरु-शिष्य परंपरा आग्नेयास्त्र के ज्ञान की एक सम्मानित वंशावली स्थापित करती है। इस प्रकार महर्षि अग्निवेश → द्रोणाचार्य → अर्जुन/अश्वत्थामा की परंपरा में यह दिव्य ज्ञान आगे बढ़ा।
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