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विस्तृत उत्तर
कुछ पौराणिक संदर्भों में यह उल्लेख मिलता है कि वायव्यास्त्र के प्रचंड प्रहार को शैलास्त्र (पर्वत अस्त्र) द्वारा रोका या खंडित किया जा सकता था। यह विभिन्न दिव्यास्त्रों के बीच एक प्रकार के शक्ति संतुलन को इंगित करता है जहाँ हर अस्त्र का एक प्रतिकार होता था। इस प्रकार शैलास्त्र वायव्यास्त्र का एक ज्ञात प्रतिकार था जो इस अस्त्र की विनाशकारी वायु को अपनी पर्वत जैसी दृढ़ता से रोकने में सक्षम था।
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