विस्तृत उत्तर
वायव्यास्त्र की सबसे प्रमुख और सर्वविदित शक्ति भयानक आंधियां, बवंडर और विनाशकारी तूफान उत्पन्न करना थी। यह प्रचंड वायु शत्रु सेना में खलबली मचा सकती थी, उनकी व्यूह रचना को ध्वस्त कर सकती थी और उन्हें युद्ध के लिए असहाय बना सकती थी। युद्ध के मैदान में अचानक धूल भरी आंधियां चलने लगें, बवंडर उठ खड़े हों और शत्रु के सैनिक, उनके रथ और हाथी सूखे पत्तों की तरह उड़ने लगें — ऐसा दृश्य किसी भी सेना का मनोबल तोड़ने के लिए पर्याप्त था। इसकी गणना अत्यंत शक्तिशाली दिव्यास्त्रों में की जाती थी।
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