विस्तृत उत्तर
जब महर्षि विश्वामित्र अपने यज्ञ को राक्षसों के उपद्रव से बचाने के लिए अयोध्या के राजकुमारों श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ वन ले गए, तब उन्होंने श्रीराम को विभिन्न दिव्यास्त्रों की शिक्षा दी। जब मारीच और सुबाहु जैसे राक्षस यज्ञ में बाधा डालने आए तो श्रीराम ने इन आसुरी शक्तियों का संहार करने के लिए विभिन्न अस्त्रों का प्रयोग किया। सुबाहु और अन्य निशाचरों का विनाश करने के लिए श्रीराम द्वारा वायव्यास्त्र का प्रयोग किया गया था, जिससे यज्ञ निर्विघ्न रूप से संपन्न हो सका।
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