विस्तृत उत्तर
सभी योद्धाओं ने श्रीकृष्ण की आज्ञा का पालन किया सिवाय भीम के। भीम ने अपने बाहुबल के अहंकार और क्रोध के कारण प्रतिरोध करने का प्रयास किया। उनके प्रतिरोध से नारायणास्त्र की शक्ति और भी बढ़ गई और वह विशेष रूप से भीम को ही लक्षित करने लगा। इसके प्रभाव से पांडवों की एक अक्षौहिणी सेना का नाश होने का वर्णन मिलता है। यह घटना नारायणास्त्र की प्रकृति को सिद्ध करती है कि प्रतिरोध करने पर यह और अधिक शक्तिशाली हो जाता है और अहंकार विनाश का कारण बनता है।
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