विस्तृत उत्तर
जब नारायणास्त्र का आह्वान किया जाता था तो यह एक साथ लाखों विनाशकारी प्रक्षेपास्त्रों या विभिन्न प्रकार के शस्त्रों जैसे चक्र, गदा, त्रिशूल, बाण आदि की आकाश से वर्षा करता था। ये असंख्य शस्त्र लक्ष्य को चारों ओर से घेर लेते थे जिससे बचने का कोई मार्ग नहीं रहता था। इसकी सबसे भयानक विशेषता यह थी कि यदि लक्ष्य प्रतिरोध करता तो इसकी शक्ति और अधिक बढ़ जाती थी। यह अस्त्र शत्रु का समूल नाश करने में सक्षम था और इसका प्रतिकार किसी अन्य अस्त्र से संभव नहीं था।
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