📖
विस्तृत उत्तर
शिव उस ज्ञान और भक्ति से प्रसन्न होते हैं जिसमें साधक ईश्वर को जड़ जगत से पृथक जानता है और श्रद्धा से युक्त रहता है। पाठ में कहा गया है कि अव्यक्त प्रकृति से परमाणु तक जड़ पदार्थों से ईश्वर को पृथक जानना वास्तविक ज्ञान है। ऐसे ज्ञान और भक्ति से सम्पन्न पुरुष पर भगवान् शंकर अवश्य प्रसन्न होते हैं। वास्तव में यही धर्म कहा गया है।
📜
शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 10, PDF पृष्ठ 59-60, श्लोक 28-30
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





