विस्तृत उत्तर
श्रीमद्भागवतमाहात्म्य में भागवत सुनने के कई फल बताए गए हैं। सनकादि ऋषि कहते हैं कि श्रीमद्भागवत पारायण के शब्द सुनने से भक्ति, ज्ञान और वैराग्य को बड़ा बल मिलेगा। इससे ज्ञान-वैराग्य का कष्ट मिटेगा और भक्ति को सुख मिलेगा। श्रीमद्भागवत की ध्वनि से कलियुग के दोष वैसे ही नष्ट होंगे जैसे सिंह की गर्जना सुनकर भेड़िये भाग जाते हैं। आगे वे बताते हैं कि भागवत कथा वेद और उपनिषदों का सार है, पर फलरूप होने के कारण अधिक रुचिकर और सुगम है। इसे व्यासदेव ने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की स्थापना के लिये प्रकाशित किया। श्रीमद्भागवत को शोक और दुख का विनाश करने वाला भी कहा गया है। इसलिए भागवत सुनने से भक्ति मजबूत होती है, ज्ञान-वैराग्य जागते हैं, कलियुग-दोष घटते हैं और दुख शांत होता है।
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