विस्तृत उत्तर
पंचजन्य शंख श्रीकृष्ण का प्रिय शंख था। कृष्ण जब आनर्त देश में अपनी द्वारका पहुंचे, तब उन्होंने वहाँ के लोगों की विरह-वेदना को शांत करने के लिए अपना प्रिय पांचजन्य शंख बजाया। उस शंख का वर्णन बहुत सुंदर रूप में आता है: शंख स्वयं सफेद था, पर कृष्ण के अधरों की लाली से लालिमा लिए दिख रहा था। वह उनके करकमलों में ऐसा शोभायमान था जैसे लाल कमल पर बैठा हुआ राजहंस मधुर स्वर कर रहा हो। पंचजन्य की ध्वनि को संसार के भय को भी भयभीत करने वाली कहा गया है। शंख सुनते ही द्वारका की सारी प्रजा कृष्ण के दर्शन की लालसा से नगर के बाहर आ गई।
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