विस्तृत उत्तर
कृष्ण ने अपनी प्रतिज्ञा इसलिए तोड़ी क्योंकि भीष्म ने प्रतिज्ञा की थी कि वे कृष्ण को शस्त्र ग्रहण कराकर ही छोड़ेंगे। कृष्ण ने युद्ध में शस्त्र न उठाने का निश्चय किया था, पर भीष्म की प्रतिज्ञा को सत्य और ऊँचा करने के लिए उन्होंने अपनी प्रतिज्ञा छोड़ दी। वे रथ से कूद पड़े और रथ का पहिया लेकर भीष्म की ओर वैसे दौड़े जैसे सिंह हाथी पर टूट पड़ता है। उस समय वे इतने वेग से चले कि कंधे का पीतांबर गिर गया और पृथ्वी काँप उठी। भीष्म ने तीखे बाणों से उनके कवच को तोड़ दिया था, शरीर रक्त से भीग रहा था और अर्जुन उन्हें रोक रहे थे। फिर भी कृष्ण का वह दौड़ना भीष्म के प्रति अनुग्रह और भक्तवत्सलता से भरा हुआ था।
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