विस्तृत उत्तर
भीष्म स्तुति में कृष्ण का युद्ध रूप अत्यंत जीवंत है। भीष्म याद करते हैं कि युद्ध के समय कृष्ण के मुख पर लहराते घुँघराले बाल घोड़ों की टापों की धूल से मटमैले हो गए थे और पसीने की छोटी-छोटी बूँदें चमक रही थीं। भीष्म के तीखे बाण कृष्ण की त्वचा को भेद रहे थे और उनका कवच शोभा दे रहा था। कृष्ण अर्जुन के कहने पर दोनों सेनाओं के बीच रथ ले आए और अर्जुन का मोह गीता से दूर किया। एक दृश्य में कृष्ण रथ का पहिया लेकर भीष्म की ओर दौड़ते हैं। दूसरे दृश्य में वे अर्जुन के रथ के रक्षक हैं, बाएँ हाथ में घोड़ों की रास और दाएँ हाथ में चाबुक लिए हुए। भीष्म इन्हीं युद्ध-छवियों को अपने अंतिम ध्यान का विषय बनाते हैं।
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