विस्तृत उत्तर
भीष्म स्तुति का हिंदी अर्थ कृष्ण में पूर्ण समर्पण है। भीष्म कहते हैं कि उनकी शुद्ध, कामनारहित बुद्धि श्रीकृष्ण के चरणों में लगे। वे कृष्ण को तमाल के समान साँवले, पीतांबरधारी, घुँघराली अलकों से सुशोभित और अर्जुन के प्रिय सखा के रूप में स्मरण करते हैं। उन्हें युद्धभूमि का कृष्ण भी प्रिय है: धूल से मटमैले केश, पसीने की बूँदें, कवच, बाणों से घायल शरीर और अर्जुन का रथ चलाने वाली करुणा। भीष्म उस कृष्ण को याद करते हैं जिसने गीता से अर्जुन का अज्ञान दूर किया और भीष्म की प्रतिज्ञा सत्य करने के लिए अपनी प्रतिज्ञा तोड़ दी। स्तुति का अंतिम भाव यह है कि एक ही कृष्ण सबके हृदय में हैं और वही अंतिम प्राप्ति हैं।
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