विस्तृत उत्तर
युधिष्ठिर को राज्य वापस मिलने का श्रेय कृष्ण की कृपा और व्यवस्था से जोड़ा गया है। युधिष्ठिर को अजातशत्रु कहा गया है; उनका राज्य धूर्तों ने छल से छीन लिया था। कृष्ण ने वही राज्य उन्हें फिर दिलाया। इसके साथ ही द्रौपदी के अपमान का प्रसंग भी जुड़ता है। जिन राजाओं ने द्रौपदी के केशों को छुआ था और जिनकी आयु उस अपराध से क्षीण हो चुकी थी, कृष्ण ने उनका वध कराया। इस तरह राज्य-वापसी केवल राजनीतिक पुनर्स्थापना नहीं, बल्कि छल से छीने गए अधिकार और द्रौपदी के अपमान के बाद धर्म की पुनर्स्थापना के रूप में प्रस्तुत होती है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





