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द्वारका प्रश्नोत्तरी — 10 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित द्वारका विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 10 प्रश्न

तीर्थ स्थल

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग कहाँ है और कैसे पहुँचें?

द्वारका गुजरात (~18 km) — 12 ज्योतिर्लिंग दसवाँ। दारुक वध कथा। जामनगर एयरपोर्ट/द्वारका रेलवे। 25m शिव मूर्ति। द्वारकाधीश+बेट द्वारका साथ। सुबह 6-शाम 9।

नागेश्वरज्योतिर्लिंगद्वारका
पूजा विधि एवं कर्मकांड

गोपीचंदन तिलक क्या है और कैसे लगाएं

गोपीचंदन द्वारका के निकट गोपी सरोवर की पवित्र मिट्टी है जो गोपियों के विरह-समर्पण से पवित्र मानी जाती है। इसे जल में घिसकर माथे पर ऊर्ध्वपुंड्र (दो ऊर्ध्व रेखाएँ) के रूप में लगाएँ — यह वैष्णव भक्तों का प्रमुख तिलक है।

गोपीचंदनवैष्णव तिलकद्वारका
श्रीमद्भागवत

भागवत पुराण में कृष्ण का रूप कैसा है?

भागवत पुराण में कृष्ण का रूप ऐसा बताया गया है कि उनका वक्ष सौंदर्य की लक्ष्मी का निवास, मुख नेत्रों के लिए सौंदर्य-सुधा और चरण भक्तों का आश्रय हैं।

कृष्ण रूपभागवत पुराणकृष्ण दर्शन
श्रीमद्भागवत

कृष्ण भक्तों से कैसे मिलते हैं?

कृष्ण भक्तों और नगरवासियों से उनकी योग्यता के अनुसार मिले: किसी को प्रणाम किया, किसी से बोले, किसी को गले लगाया, किसी से हाथ मिलाया और किसी को प्रेमभरी दृष्टि दी।

कृष्ण भक्तकृष्ण मिलनभक्ति
श्रीमद्भागवत

पंचजन्य शंख किसका था?

पंचजन्य शंख श्रीकृष्ण का प्रिय शंख था, जिसे उन्होंने द्वारका पहुंचकर वहाँ के लोगों की विरह-वेदना शांत करने के लिए बजाया।

पंचजन्य शंखकृष्ण शंखद्वारका
श्रीमद्भागवत

कृष्ण द्वारका क्यों लौटना चाहते थे?

राज्य-संबंधी कार्य पूरे होने के बाद कृष्ण ने द्वारका जाने का विचार किया; उनके भीतर का अलग कारण विस्तार से नहीं बताया गया।

कृष्णद्वारकापांडव
पौराणिक कथाएँ

विश्वकर्मा देव ने क्या-क्या बनाया?

विश्वकर्मा ने लंका, द्वारका, इंद्रप्रस्थ, इंद्रपुरी, पुष्पक विमान, सुदर्शन चक्र, शिव का त्रिशूल, इंद्र का वज्र और सूर्य का रथ बनाया था।

विश्वकर्मालंकाद्वारका
तीर्थ एवं धाम

द्वारका मंदिर में प्रवेश के क्या नियम हैं?

द्वारकाधीश मंदिर में भारतीय पोशाक में ही प्रवेश मिलता है। बरमूडा, मिनी स्कर्ट, फटी जींस वर्जित हैं। पुरुष धोती-कुर्ता या शर्ट-ट्राउजर और महिलाएँ साड़ी या सलवार-कमीज में आएँ। जूते बाहर उतारना अनिवार्य है।

द्वारकाद्वारकाधीश मंदिरप्रवेश नियम
तीर्थ यात्रा

द्वारकाधीश मंदिर दर्शन विधान

चारधाम (पश्चिम); कृष्ण नगरी। 6:30AM-1PM + 5-9:30PM। गोमती/समुद्र स्नान→द्वारकाधीश→रुक्मिणी→नागेश्वर→बेट द्वारका। जामनगर/द्वारका रेलवे।

द्वारकाद्वारकाधीशदर्शन
ज्योतिर्लिंग

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा क्या है?

दारुका राक्षस ने शिवभक्त सुप्रिय वैश्य को समुद्र में पकड़कर कैद किया। कारागार में सुप्रिय की पुकार सुनकर शिव ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए, सुप्रिय को पाशुपतास्त्र दिया जिससे दारुक का वध हुआ। वह ज्योतिर्लिंग नागेश्वर नाम से प्रसिद्ध हुआ।

नागेश्वरदारुका राक्षससुप्रिय वैश्य

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।