विस्तृत उत्तर
गुजरात के द्वारका में स्थित द्वारकाधीश मंदिर — जिसे जगत मंदिर भी कहते हैं — भारत के चार धामों में से एक है और भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। यह मंदिर पुष्टिमार्ग संप्रदाय का है और वल्लभाचार्य द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करता है।
ड्रेस कोड: मंदिर ट्रस्ट ने भारतीय संस्कृति के अनुरूप वस्त्र पहनकर आने का नियम लागू किया है। पुरुषों के लिए शर्ट, धोती, पायजामा, या ट्राउजर स्वीकार्य है। महिलाओं के लिए साड़ी, हाफ साड़ी, सलवार-कमीज अनुकूल हैं। बरमूडा, मिनी स्कर्ट, टॉप, नाइट सूट, फ्रॉक, और फटी जींस में प्रवेश वर्जित है। मंदिर के बाहर बोर्ड पर लिखा है: 'मंदिर दर्शन की जगह है, प्रदर्शनी की नहीं।'
धार्मिक नियम: श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश से पहले जूते-चप्पल बाहर उतारने होते हैं। मंदिर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं से अपेक्षा की जाती है कि वे शुद्ध मन, श्रद्धा और भक्ति के साथ प्रवेश करें। मंदिर में मोबाइल और कैमरे का उपयोग नियंत्रित है।
प्रवेश द्वार: मंदिर में दो प्रमुख प्रवेश द्वार हैं — मोक्ष द्वार (मुख्य प्रवेश) और स्वर्ग द्वार (निकास)। पौराणिक परंपरा के अनुसार मोक्ष द्वार से प्रवेश और स्वर्ग द्वार से निकास होता है।
यात्रा से पहले: गोमती नदी के तट पर स्नान और निष्पाप कुंड में पवित्र स्नान का विशेष महत्व है। इसके बाद भगवान रणछोड़जी के दर्शन किए जाते हैं।





