विस्तृत उत्तर
माता वैष्णो देवी का पवित्र भवन जम्मू से लगभग 60 किलोमीटर दूर कटरा नगर के पास त्रिकुटा पर्वत पर समुद्र तल से लगभग 5200 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। यह स्थान हिंदुओं के सर्वाधिक दर्शनीय तीर्थों में से एक है।
माता का भवन: मंदिर की पवित्र गुफा की लंबाई लगभग 98 फीट है। इस गुफा में प्रवेश करने पर श्रद्धालु माता की तीन स्वयंभू पिंडियों के दर्शन करते हैं — ये तीनों पिंडियाँ एक शिला की तीन प्राकृतिक चोटियाँ हैं। गुफा में सदैव शीतल जल प्रवाहित होता रहता है जिसे चरण गंगा कहते हैं। पिंडियों के दाईं ओर गणेश, सूर्य, चंद्र और अन्नपूर्णा के चिह्न हैं; पीछे शेर का चिह्न और आशीर्वाद देती भुजा दिखती है।
अर्धकुंवारी गुफा: भवन से पहले रास्ते में 'गर्भ जून' या अर्धकुंवारी नाम की गुफा आती है जहाँ माता ने भैरवनाथ से बचने के लिए नौ मास तक ध्यान में बैठकर तप किया था। इस गुफा से गुजरना यात्रा का एक विशेष अनुभव है।
भैरवनाथ मंदिर: माता के भवन से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर भैरवनाथ का मंदिर है — जो भैरव वधस्थल है। मान्यता है कि माता के दर्शन के बाद भैरवनाथ के दर्शन अवश्य करने चाहिए, अन्यथा यात्रा अधूरी मानी जाती है। माता ने स्वयं भैरव को वरदान दिया था कि उनके दर्शन तब तक पूर्ण नहीं होंगे जब तक भक्त उसके दर्शन नहीं करेगा।
बाणगंगा: रास्ते में वह स्थान है जहाँ माता ने तीर मारकर प्यासे हनुमान जी की प्यास बुझाई थी — यहाँ के जल को अमृत माना जाता है।





