विस्तृत उत्तर
केदारनाथ धाम उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में समुद्र तल से लगभग 3584 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक यह धाम भारी बर्फ़बारी के कारण प्रत्येक वर्ष केवल 6 महीने — मई से नवंबर के बीच — दर्शन के लिए खुलता है।
कपाट खुलने का समय: प्रत्येक वर्ष कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि के अवसर पर उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में पंचांग गणना के बाद घोषित होती है। यह सामान्यतः अप्रैल-मई में अक्षय तृतीया के आसपास होती है। कपाट बंद होने की तिथि भाई दूज के दिन होती है — इसी दिन से बाबा केदार की डोली शीतकालीन गद्दीस्थल उखीमठ के लिए रवाना होती है। उदाहरण के तौर पर, वर्ष 2025 में कपाट 2 मई को खुले और 23 अक्टूबर को बंद हुए; 2026 में बदरीनाथ के कपाट 23 अप्रैल को खुलने की घोषणा हुई है।
यात्रा के लिए सर्वोत्तम समय: मई-जून में कपाट खुलते ही बहुत भीड़ होती है। सितंबर-अक्टूबर का समय सबसे आदर्श माना जाता है — मानसून समाप्त हो जाता है, भीड़ कम होती है, पहाड़ हरे-भरे दिखते हैं और मौसम सुहाना रहता है। जुलाई-अगस्त में मानसून के कारण भूस्खलन का खतरा रहता है, इसलिए इस अवधि में सावधानी आवश्यक है।
केदारनाथ पहुँचने के लिए गौरीकुंड से लगभग 18 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है। ऋषिकेश या हरिद्वार से गौरीकुंड तक सड़क मार्ग से जाया जाता है। हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध है। यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण (ई-पास) अनिवार्य है।





