विस्तृत उत्तर
रथ यात्रा = देवता नगर भ्रमण — शास्त्रीय:
विधान
- 1संकल्प: मंदिर पुरोहित → शुभ मुहूर्त → रथ निर्माण संकल्प।
- 2रथ निर्माण: नई लकड़ी (नीम — पुरी)। विशिष्ट शिल्पी। मंत्रोच्चारण।
- 3देवता स्थापना: मूर्ति/उत्सव मूर्ति → रथ पर → प्राण प्रतिष्ठा।
- 4यात्रा: भक्त रस्सी खींचें → रथ चले → नगर भ्रमण = 'भगवान जनता के बीच'।
- 5गुंडिचा (पुरी): जगन्नाथ → गुंडिचा मंदिर (मौसी घर) → 7 दिन → वापसी (बाहुड़ा)।
पुरी = सबसे प्रसिद्ध: आषाढ़ शुक्ल द्वितीया। 3 रथ (जगन्नाथ/बलभद्र/सुभद्रा)। 45 फीट ऊंचे। लाखों भक्त।
अन्य: हम्पी (फरवरी), मदुरै (अलगर), दक्षिण = रथोत्सव प्रचलित।





